उपवास
भारतीय अध्यात्म और चिकित्सा में उपवास का एक विशेष महत्व है। आत्मबल को बढ़ाने की यह एक प्राचीन विधि है जिसे हमारे ऋषियों ने खोज था। आजकल की आम भाषा में उपवास को व्रत कहा जाता है जबकि व्रत का अर्थ प्रतिज्ञा होता है। जिसे किसी भी क्रियाकलाप को लेकर रखा जा सकता है जैसे कि मौन व्रत, दृश्य (आँखों को बंद रखना) व्रत, ब्रह्मचर्य का व्रत और आज कल तो लोग सोशल मीडिया या मोबाइल फोन का भी व्रत रखने लगे हैं। व्रत तो खाने पीने का भी रखा जाता है जिसे उपवास कहते हैं।

